70 दिनों के भीतर रिलायंस के डूबे 1.11 लाख करोड़ रुपये

कोरोनावायरस का प्रकोप इस कदर बढ़ता जा रहा है कि इसका असर दुनिया के तमाम सेक्टर में देखने को मिल रहा है। सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन यानी गुरुवार को शेयर बाजार में इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। 



यह गिरावट इसलिए भी दर्ज की गई है क्योंकि निवेशकों द्वारा निवेश के लिए सुरक्षित जगह तलाशी जा रही है, जिस कारण शेयर मार्केट में गिरावट दर्ज की जा रही है। मार्केट में गिरावट का असर भारत के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी पर भी देखने को मिल रहा है। रिलांयस का शेयर आज 52 हफ्तों के सबसे न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया। 

रिलायंस के शेयर गुरुवार को 1063 पर बंद हुए, जबकि कारोबार के दौरान यह 1048 तक पहुंच गया था। 27 दिसंबर 2019 को साल के आखिरी कारोबारी दिन रिलायंस का शेयर 1537 रुपये का था। जिसमें 70 दिनों के अंतराल पर शेयर का भाव घटकर 1063 पर पहुंच गया। एक शेयर की कीमत में करीब 475 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। इस प्रकार रिलायंस के शेयरों में करीब 30 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। 

शेयर मार्केट में गिरावट का असर मुकेश अंबानी की संपत्ति पर भी देखने को मिला है। 70 दिनों के अंतराल में उनकी संपत्ति में करीब 15.20 अरब डॉलर (1.11 लाख करोड़) का नुकसान हुआ है। इस प्रकार अंबानी के सिर से एशिया के सबसे अमीर होने का ताज भी छीन गया है। एशिया में सबसे अमीर शख्स होने का ताज अब अलीबाबा के फाउंडर जैक मा के पास है। 11 मार्च को विश्व के सबसे धनी व्यक्तियों की सूची में ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स में जैक मा जहां 18वें स्थान पर थे वहीं मुकेश अंबानी 19वें स्थान पर आ गए।  

अंबानी से इतनी ज्यादा है मा की संपत्ति
सोमवार को मुकेश अंबानी की दौलत 5.8 अरब डॉलर घटकर 41.9 अरब डॉलर यानी 2.93 लाख करोड़ रुपये रह गई। वहीं जैक मा की बात करें, तो मा की दौलत 44.5 अरब डॉलर यानी 3.11 लाख करोड़ रुपये है। मुकेश अंबानी को मुकाबले यह 2.6 अरब डॉलर यानी 18,200 करोड़ रुपये ज्यादा है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, उद्योगपति जैक मा 44.5 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ एशिया के सबसे बड़े धनकुबेर बन गए हैं। दूसरे स्थान पर भारत के मुकेश अंबानी हैं। हालांकि नौ मार्च के मुकाबले 11 मार्च को मुकेश अंबानी के नेटवर्थ में 467 मिलियन डॉलर यानी 4,670 लाख डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 

रिलायंस के शेयरों में आठ साल की सबसे बड़ी गिरावट
सोमवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में आठ साल की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली। वहीं रिलायंस के अलावा दिग्गज निफ्टी 50 के शेयरों में भी जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। एक वक्त में रिलायंस इंस्ट्रीज के शेयर 13.65 फीसदी की गिरावट के साथ 1094.95 रुपये पर आ गए थे। अक्तूबर 2008 के बाद इसे कंपनी की अब तक की सबसे बड़ी गिरावट बताया जा रहा है। वहीं इस गिरावट के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप (बाजार पूंजीकरण) 7.08 लाख करोड़ रुपये रह गया, जिसके बाद कंपनी के निवेशकों के शेयरों की वैल्यू 1.08 लाख करोड़ रुपये कम हो गई। हालांकि बाजार बंद होने तक रिलायंस के शेयर संभलते हुए 12.35 फीसदी या 157 अंकों की गिरावट के साथ बीएसई पर 1114.15 रुपये पर बंद हुआ था। कोरोनावायरस को भी इस सुनामी के लिए जिम्मेदार माना गया।